नई दिल्ली. बीएसएनएल और एमटीएनएल के कुछ वेंडर इन कंपनियों के खिलाफ दिवालिया याचिका दायर करने के बारे में विचार कर रहे हैं। इंडस्ट्री से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से न्यूज एजेंसी ने सोमवार को बताया कि इन वेंडर के बीएसएनएल और एमटीएनएल पर 20 हजार करोड़ रुपए बकाया हैं।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स टेलीकॉम कमेटी के चेयरमैन संदीप अग्रवाल के मुताबिक बैंकों ने वेंडर पर बकाया चुकाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वेंडरों की 19 नवंबर को विरोध प्रदर्शन करने की योजना है। उसके बाद 10 दिन में बीएनएनएल और एमटीएनएल से भुगतान नहीं मिला तो दिवालिया अदालत (एनसीएलटी) जाएंगे। अग्रवाल ने बताया कि दोनों कंपनियों से वेंडरों को समय पर भुगतान नहीं मिलने से करीब 1 लाख रोजगार प्रभावित हो रहे हैं।
एमटीएनएल के चेयरमैन और एमडी सुनील कुमार का कहना है कि वेंडरों का बहुत ज्यादा बकाया नहीं है। यह 400 करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं होगा। हम बहुत जल्द भुगतान कर देंगे। वेंडरों के बकाया भुगतान के मामले में सोमवार रात तक बीएसएनएल की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई। सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल के रिवाइवल के लिए पिछले महीने 69,000 करोड़ रुपए की योजना का ऐलान किया था, लेकिन बहुत के वेंडरों का भुगतान अभी तक नहीं हुआ।